बीकानेर। पुष्करणा ब्राह्मण समाज का सामूहिक विवाह सावा 10 फरवरी 2026 को होगा। गुरुवार देर रात को करीब कई घंटों तक विद्वान पंडितों के बीच चले शास्त्रार्थ के बाद एकमत से तिथि तय की गई। दशहरा के दिन सावा तिथि के शोधन की 500 सालों से चली आ रही परंपरा के अनुसार विभिन्न प्रकार के शास्त्रों में दिए गए श्लोक की व्याख्या के साथ अलग अलग तिथियों के दोष पर चर्चा के बाद रात्रि 1.15 बजे मुहूर्त की घोषणा हुई। जसोलाई तलाई स्थित महादेव मंदिर में इस शास्त्रार्थ को देखने के लिए लोगों का हुजूम नजर आया।
इस नाम से निकला सावा
इस बार सावे की तय हुई तारीख का मुहूर्त चंद्रशेखर उमा नाम से निकाला गया है।
शताब्दियों से चली आ रही परंपरा
दरअसल बीकानेर में पुष्करणा समाज के सावे का मुहूर्त हर दो साल में एक बार निकाला जाता है और हर बार दशहरे को सावा की तिथि को तय करने के लिए समाज के प्रकांड पंडितों के बीच शास्त्रार्थ होता है। एक दूसरे की बताई गई तिथि में किसी तरह के दोष और गुण अवगुण पर चर्चा होती है। उसके बाद मुहूर्त की तारीख पर एकराय होने पर उसकी घोषणा होती है।
ये रहे शामिल
इस बार शास्त्रार्थ चर्चा में जुगल किशोर ओझा, पंडित अशोक ओझा चौथाणी, पंडित राजेन्द्र किराडू, पंडित सुशील किराडू,पंडित अशोक ओझा नानगणी, गोपाल ओझा, यज्ञेश ओझा, वाद्य ओझा, बसंत ओझा,सुशील ओझा, महेश ओझा, जितेंद्र ओझा, गणेश छंगानी, गोपाल ओझा, विजय ओझा, विनोद ओझा, कालि चरण ओझा, राघवेंद्र ओझा, आशीष भादानी, सुशील किराडू, हिमांशु किराडू,अनिल ओझा ,अमित सागर ओझा सहित अनेक विद्वानों ने चर्चा की। इस अवसर पर कमेटी सचिव श्रीकांत व्यास, सदस्य सुरेन्द्र व्यास कानूलाल व्यास,ओम प्रकाव व्यास, बृजेश्वर लाल,अनिल व्यास, गोपाल व्यास सहित समाज के गणमान्य लोग उपस्थित थे।




























