बीकानेर। बीकानेर के CA सुधीश शर्मा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है। दरअसल शर्मा ने वित्त मंत्री को लिखे पत्र में प्रोफेशनल्स के सामने आ रही दिक्कतों के साथ ही व्यापारियों को होने वाली दिक्कत से बचने के लिए ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर को बढ़ाने की मांग की है। CA सुधीश शर्मा ने वित्तमत्री को लिखे पत्र में बिंदुवार प्रोफेशनल के सामने आ रही दिक्कत के साथ ही वित्त मंत्रालय की तकनीकी दिक्कतों का भी हवाला दिया है
इन बिंदुओं पर रखो बात
1. 15 सितम्बर को आयकर रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तिथि निर्धारित थी। लेकिन उस दिन आयकर पोर्टल तकनीकी रूप से लगातार विफल रहा। लॉगिन, डेटा सेविंग और अपलोडिंग जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी ठीक से कार्य नहीं कर पाईं। मंत्रालय की ओर से कोई प्रभावी तकनीकी सहायता भी उपलब्ध नहीं थी।
2. सरकार ने केवल एक दिन की एक्सटेंशन दी, परंतु उस दिन भी पोर्टल का संचालन असफल ही रहा। इसके बावजूद टैक्स प्रोफेशनल्स ने दिन-रात मेहनत कर कार्य पूरा किया।
3. अब 30 सितम्बर को ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करने की अंतिम तिथि रखी गई है। इतने कम समय में, जब पोर्टल सुचारु रूप से कार्य ही नहीं करता, इस कार्य को पूरा करना वस्तुतः असंभव है।
4. इसके अतिरिक्त जीएसटी में आए लगातार बदलाव ने व्यापारियों को भ्रमित कर दिया है। व्यापारी वर्ग दिन-रात अपने कर सलाहकारों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से संपर्क कर रहा है। सरकार की नीतिगत एवं तकनीकी समस्याओं का पूरा बोझ अब पेशेवरों के कंधों पर डाल दिया गया है।
इस स्थिति से पूरे देश का वित्तीय जगत, टैक्स प्रोफेशनल्स और व्यापारी वर्ग अत्यधिक मानसिक दबाव और तनाव में है। अनेक उच्च न्यायालयों में याचिकाएँ डाली जा चुकी हैं, सभी पेशेवर संगठन तिथि विस्तार की माँग कर रहे हैं। यह केवल किसी वर्ग की माँग नहीं, बल्कि देश की आर्थिक व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक कदम है।
ये रखी मांग
• ऑडिट रिपोर्ट की अंतिम तिथि को यथोचित अवधि तक बढ़ाया जाए।
• पोर्टल की तकनीकी खामियों को तत्काल प्राथमिकता के साथ दूर किया जाए।
• कर सलाहकारों, सीए और व्यापारियों की वास्तविक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। आपके इस निर्णय से न केवल पेशेवरों का मानसिक बोझ कम होगा बल्कि सरकार की छवि भी सकारात्मक रूप से मजबूत होगी

