बीकानेर। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कर्यक्रम के तहत तैयार बीकानेर जिले के पहले हस्तशिल्प एम्पोरियम ‘कला कुंज’ का उद्घाटन जिला कलक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने गुरुवार को किया। हरोलाई हनुमन मंदिर रोड पर बने इस केन्द्र में उस्ता कला, बीकानेरी कशीदाकारी, पोकरण पाॅटरी, जोधपुर मैटल क्राफ्ट, मथेरण कला, टाई एंड डाई, आर्टिफिशयल ज्वैलरी, पेंटिंग, साफा-पगड़ी सहित एक दर्जन से अधिक प्रकार की हस्तकलाओं के उत्पाद प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध करवाए गए हैं।
इस अवसर पर जिला कलक्टर ने कहा कि राजस्थान का हैण्डीक्राफ्ट अत्यंत समृद्ध है। यहां के कलाकार अपने स्तर पर उत्पादों का निर्माण एवं विक्रय करते हैं। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फाॅर लोकल’ की अवधारणा को सार्थक करते हुए ‘कला कुंज’ इन कलाकारों को एक सशक्त मंच उपलब्ध करवाएगा। यह हमारे क्राॅफ्ट की मार्केटिंग और आर्टिजन्स को आर्थिक लाभ पहुंचाने के दृष्टिकोण से लाभदायक साबित होगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन सहित अन्य विभागों तथा शिक्षण संस्थाओं से समन्वयर करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस केन्द्र का अवलोकन करवाएं, जिससे हमारी इस विरासत को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।
हस्तशिल्प सेवा केन्द्र जोधपुर से सहायक निदेशक रविवीर चौधरी ने बताया कि विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कर्यक्रम की इंफ्रास्ट्रक्चर योजना के तहत यह एम्पोरियम बनाया गया है। इसका उद्देश्य आर्टिजन्स, एसएचजी व प्रोड्यूशर कंपनी को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि इस एम्पोरियम में बीकानेर सहित विभिन्न स्थानों के जीआई क्राफ्ट मुहैया करवाए जाएंगे।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक रमेश तांबिया ने कहा कि सामान्यतया आर्टिजन्स द्वारा बने उत्पादों को बाजार नहीं मिलता। ऐसे आर्टिजन्स के लिए यह पहल कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा देशभर में ऐसे केन्द्र खोले जा रहे हैं। बीकानेर में भी इसकी शुरूआत हुई है।
उस्ता आर्ट विशेषज्ञ मोहम्मद हनीफ उस्ता ने कहा कि इस एम्पोरियम के माध्यम से उस्ता आर्ट की पहुंच आमजन तक हो सकेगी। मिनिएचर आर्टिस्ट महावीर स्वामी ने कहा कि यह चित्रकारों को भी एक मंच देगा। इस दौरान अयूब अअली, शौकत अली उस्ता, कृष्ण चंद्र पुरोहित, कृष्ण कांत व्यास आदि मौजूद रहे।
जय भैरव वेलफेयर सोसायटी के संयोजक धमेन्द्र छंगाणी ने बताया कि सोसायटी द्वारा इसका संचालन किया जाएगा। इसमें 14 प्रकार की हस्तकलाओं का प्रदर्शन किया गया है। इसे प्रोत्साहित करने के लिए समय-समय पर प्रदर्शनियों आदि का आयोजन भी किया जाएगा। इससे पहले जिला कलक्टर ने एम्पोरियम का उद्घाटन किया तथा सभी आर्टिजंस के उत्पादों का अवलोकन किया।
राजेंद्र कुमार छंगाणी, शिव कुमार छंगाणी, मनमोहन पालीवाल, सींथल सरपंच प्रतिनिधि गणेश दान बीठु यशु छंगाणी ये भी रहे साथ मे।




























