बीकानेर। होलिकादहन और धूलंडी पर्व में तिथि मतांतर और होलिका दहन की मुहूर्त को लेकर असमंजस के बीच शहर के प्रसिद्ध पंचांगकर्ता अशोक ओझा ने बताया कि इस वर्ष बीकानेर में होली का पर्व 2 मार्च को मनाया जाएगा। ओझा सत्संग भवन में पत्रकार वार्ता में पंडित अशोक ओझा ने आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दिन भद्रा काल शाम 4:30 बजे से प्रारंभ होगा, इसलिए बहनें अपने भाइयों की पारंपरिक माला-घोलाई की रस्म भद्रा से पहले संपन्न कर सकती हैं।
होलिका दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त
ओझा ने बताया कि होलिका दहन 3 मार्च को तड़के सुबह 4:06 बजे के बाद करना शुभ और श्रेष्ठ रहेगा। उन्होंने कहा कि शास्त्रीय मान्यता के अनुसार भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित माना जाता है, इसलिए भद्रा समाप्ति के बाद ही दहन करना हितकारी रहेगा।
धुलंडी पर 12 मिनट का चंद्र ग्रहण
उन्होंने आगे जानकारी दी कि धुलंडी के दिन बीकानेर में चंद्र ग्रहण मात्र 12 मिनट का रहेगा। हालांकि ग्रहण का सूतक काल सुबह 6:38 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में पूजा-पाठ परहेज नहीं किया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में ही धार्मिक अनुष्ठान करें, ताकि पर्व का आध्यात्मिक और पारंपरिक महत्व बना रहे।




























