बीकानेर। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेसिक पीजी महाविद्यालय ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज करते हुए विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं। महाविद्यालय परिसर में सोमवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय से स्वीकृत नवीन विषयों एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के शुभारंभ के साथ-साथ स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान का भव्य समारोह आयोजित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्रबंध समिति के चेयरमैन रामजी व्यास ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) मनोज दीक्षित एवं रजिस्ट्रार यशपाल आहूजा मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद चेयरमैन रामजी व्यास, सचिव डॉ. अमित व्यास तथा प्राचार्य डॉ. सुरेश पुरोहित ने अतिथियों का साफा, उपरना और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।
स्वागत भाषण में प्राचार्य डॉ. सुरेश पुरोहित ने महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्नातक स्तर पर कम्प्यूटर एप्लीकेशन, गृह विज्ञान और ड्राइंग एवं पेंटिंग जैसे नए विषय शुरू किए गए हैं। वहीं स्नातकोत्तर स्तर पर एम.ए. (भूगोल) और एम.एससी. (भौतिक विज्ञान) की पढ़ाई भी अब महाविद्यालय में शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुखी उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।
इसके बाद अतिथियों ने नवीन विषयों एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की उद्घाटन पट्टिका का अनावरण किया। इस उपलब्धि पर उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
समारोह के दूसरे चरण में विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी गर्व और खुशी व्यक्त की।
मुख्य अतिथि जेठानंद व्यास ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है। उन्होंने महाविद्यालय द्वारा शुरू किए गए नए विषयों और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों से परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
कुलगुरु प्रो. (डॉ.) मनोज दीक्षित ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को बहुविषयक, कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराना है। विश्वविद्यालय लगातार महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत को क्षेत्रीय उच्च शिक्षा के लिए मील का पत्थर बताया।
रजिस्ट्रार यशपाल आहूजा ने विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में शोध, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना भी है।
कार्यक्रम के अंत में चेयरमैन रामजी व्यास ने सभी अतिथियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, अभिभावकों और समाज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाविद्यालय भविष्य में भी विद्यार्थी-केंद्रित, नवाचारपरक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा।
समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद्, गणमान्य नागरिक एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों एवं स्टाफ सदस्यों का उल्लेखनीय योगदान रहा।



























