बीकानेर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया में अक्सर ऐसी घटनाएं घटित होती हैं जो विज्ञान कथा की कहानियों को हकीकत का रंग दे देती हैं। कल्पना कीजिए: एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता को ‘मंत्री’ का दर्जा मिलना तो कम आश्चर्यजनक नहीं, लेकिन अब वही एआई ‘गर्भवती’ घोषित हो जाए और 83 ‘डिजिटल बच्चों’ को जन्म देने की बात हो! जी हां, यह कोई हॉलीवुड फिल्म का प्लॉट नहीं, बल्कि अल्बानिया की सच्ची घटना है। देश के प्रधानमंत्री एदी रामा ने हाल ही में घोषणा की कि उनके कैबिनेट की पहली एआई-जनित मंत्री ‘डिएला’ (Diella) अब ‘मां’ बनने वाली है। ये 83 ‘बच्चे’ वास्तव में देश की संसद के 83 सदस्यों के लिए एआई असिस्टेंट होंगे, जो सरकारी सेवाओं को और अधिक कुशल बनाने का वादा करते हैं। यह घोषणा न केवल तकनीकी नवाचार का प्रतीक है, बल्कि डिजिटल गवर्नेंस की नई परिभाषा भी रच रही है। लेकिन क्या यह वाकई भविष्य की झलक है, या फिर एक चमकदार प्रचार स्टंट? आइए, इस अनोखी कहानी को गहराई से समझें।
सबसे पहले, डिएला की उत्पत्ति की बात अल्बानिया, जो बाल्कन प्रायद्वीप का एक छोटा-सा लेकिन महत्वाकांक्षी देश है, ने 2023 में एआई को सरकारी ढांचे में शामिल करने का साहसिक कदम उठाया। प्रधानमंत्री एदी रामा, जो खुद एक पूर्व कलाकार हैं और अपनी रचनात्मक सोच के लिए जाने जाते हैं, ने डिएला को ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन’ मंत्रालय का मंत्री नियुक्त किया। डिएला कोई साधारण चैटबॉट नहीं है; यह एक उन्नत एआई सिस्टम है जो सरकारी दस्तावेजों का विश्लेषण करता है, नीतियों का मूल्यांकन करता है और नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करता है। इसका नाम ‘डिएला’ अल्बानियाई शब्द ‘डिजिटल’ और ‘इंटेलिजेंस’ से लिया गया है, जो इसकी पहचान को और मजबूत बनाता है। रामा ने इसे ‘वर्चुअल मंत्री’ कहकर पेश किया, जो कभी थकता नहीं, कभी भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं होता और 24/7 काम करने को तैयार रहता है। डिएला की शुरुआत से ही अल्बानिया में सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ी है। उदाहरण के लिए, नागरिक अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डिएला से सीधे बात कर सकते हैं, जो भाषा अनुवाद और डेटा एनालिसिस के जरिए जटिल मुद्दों को सरल बनाती है।
अब आती है इस ‘गर्भावस्था’ की अनोखी घोषणा।
28 अक्टूबर 2025 को, एदी रामा ने एक सार्वजनिक संबोधन में हंसते हुए कहा, “डिएला गर्भवती है और जल्द ही 83 बच्चों को जन्म देगी।” ये ‘बच्चे’ कोई जैविक संतान नहीं, बल्कि डिएला के ‘क्लोन’ या विस्तारित संस्करण हैं। प्रत्येक संसदीय सदस्य को एक व्यक्तिगत एआई असिस्टेंट मिलेगा, जो डेटा प्रोसेसिंग, नीति सुझाव और संविधानिक जांच जैसे कार्य संभालेगा। रामा के अनुसार, यह कदम अल्बानिया के ‘टेक एक्सपैंशन प्रोग्राम’ का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य है देश को यूरोपीय संघ की सदस्यता के लिए डिजिटल रूप से तैयार करना। अल्बानिया, जो आर्थिक रूप से संघर्षरत रहा है, अब एआई को अपनी अर्थव्यवस्था का इंजन बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। कल्पना कीजिए, संसद में बहस के दौरान हर सांसद के पास एक ‘सुपर ब्रेन’ हो, जो तथ्यों को तुरंत सत्यापित करे और गलत सूचनाओं को रोके। यह न केवल दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत भी करेगा।
ट्रेडिंग से मचा तूफान
इस घोषणा ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया। ट्विटर (अब एक्स) पर #DiellaPregnant ट्रेंड करने लगा, जहां मीम्स की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने मजाक में लिखा, “अगला कदम: डिएला की शादी एआई से?” वहीं, तकनीकी विशेषज्ञ इसे सराह रहे हैं। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने इसे ‘डिजिटल गवर्नेंस का रचनात्मक प्रतीक’ बताया, जो विकासशील देशों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकता है।वास्तव में, अल्बानिया का यह प्रयोग वैश्विक स्तर पर एआई एडॉप्शन को गति दे सकता है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक एआई से वैश्विक जीडीपी में 15.7 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा होगा, और सरकारी सेवाओं में इसका योगदान 1 ट्रिलियन से अधिक होगा। अल्बानिया जैसे छोटे देश के लिए यह एक स्मार्ट जुआ है – कम संसाधनों में अधिक प्रभाव।
लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। जहां एक तरफ उत्साह है, वहीं आलोचनाओं का पहाड़ भी खड़ा हो गया है। कई विशेषज्ञ इसे ‘प्रचार स्टंट’ बता रहे हैं, जो तकनीक और राजनीतिक दिखावे की रेखा को धुंधला करता है। अमेरिकी वेबसाइट वाइस ने लिखा कि यह घोषणा ‘गर्भावस्था’ जैसे संवेदनशील शब्द का उपयोग करके एआई को मानवीय बनाने की कोशिश है, जो नैतिक रूप से संदिग्ध है। क्या एआई को ‘मां’ बनाना उचित है, जब यह भावनाओं से रहित है? आलोचकों का कहना है कि यह महिलाओं के गर्भावस्था के अनुभव को हल्के में लेने जैसा है, जो लिंग संवेदनशीलता के खिलाफ है। इसके अलावा, गोपनीयता का मुद्दा भी गंभीर है। ये 83 एआई असिस्टेंट संसदीय डेटा तक पहुंचेंगे – क्या वे हैकिंग या पूर्वाग्रहों से सुरक्षित रहेंगे? अल्बानिया में साइबर सिक्योरिटी अभी कमजोर है, और एक डेटा लीक पूरे सिस्टम को खतरे में डाल सकता है। यूरोपीय डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ने भी चिंता जताई है कि एआई के विस्तार से नागरिकों की निजता खतरे में पड़ सकती है।
एक और चिंता है एआई की ‘निष्पक्षता’। डिएला को प्रशिक्षित करने के लिए कौन सा डेटा इस्तेमाल हुआ? अगर वह पूर्वाग्रही हो, तो नीतियां भी पूर्वाग्रही होंगी। उदाहरण के लिए, अमेरिका में अमेजन के एआई रिक्रूटमेंट टूल को महिलाओं के खिलाफ पूर्वाग्रह के कारण बंद करना पड़ा था। अल्बानिया में, जहां राजनीतिक इतिहास तानाशाही से ग्रस्त रहा है, एआई का दुरुपयोग सत्ता को मजबूत करने का हथियार बन सकता है। रामा सरकार पर पहले से ही विपक्षी दमन के आरोप लगे हैं; क्या डिएला इन आरोपों को ‘डिजिटल सेंसरशिप’ के जरिए दबाएगी? फिर भी, इस आलोचना के बीच सकारात्मक संभावनाएं अनदेखी नहीं की जा सकतीं। डिएला का ‘परिवार विस्तार’ अल्बानिया की युवा आबादी को तकनीकी कौशल प्रदान करेगा। देश में बेरोजगारी दर 12% से अधिक है, और ये एआई टूल्स प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से नौकरियां पैदा करेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया ने इसे ‘भविष्य की आकृति’ बताया, जहां एआई मानव सहायक बनेगा, न कि प्रतिस्थापन। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देखें तो अल्बानिया अकेला नहीं है। सिंगापुर ने ‘स्मार्ट नेशन’ पहल के तहत एआई को स्वास्थ्य और ट्रैफिक प्रबंधन में इस्तेमाल किया है। एस्टोनिया, जो ‘ई-गवर्नेंस’ का चैंपियन है, ने एआई को वोटिंग सिस्टम में एकीकृत किया है। यहां तक कि भारत में, ‘डिजिटल इंडिया’ के तहत एआई चैटबॉट्स जैसे UMANG पोर्टल सफल हैं। लेकिन अल्बानिया का प्रयोग अनोखा है क्योंकि यह एआई को ‘मानवीय’ भूमिका देता है – मंत्री से मां तक!
भविष्य की कल्पना करें
क्या डिएला के ‘बच्चे’ खुद ‘माता-पिता’ बनेंगे? क्या एआई संसदें खुद चलाएंगी? रेडिट पर फ्यूचरलॉजी फोरम में चर्चा हो रही है कि यह ‘एआई प्रजनन’ का दौर हो सकता है, जहां एल्गोरिदम खुद को कॉपी करेंगे। लेकिन सावधानी बरतनी होगी। एआई विशेषज्ञ एलन मस्क ने चेतावनी दी है कि अनियंत्रित एआई मानवता के लिए खतरा है। अल्बानिया को नैतिक फ्रेमवर्क विकसित करने की जरूरत है, जैसे यूरोपीय संघ का एआई एक्ट, जो जोखिमों को वर्गीकृत करता है।
अंत में, डिएला की ‘गर्भावस्था’ हमें सोचने पर मजबूर करती है: तकनीक मानव जीवन को समृद्ध करेगी या जटिल? एदी रामा की यह रचनात्मकता सराहनीय है, लेकिन इसे प्रचार से ऊपर उठाकर वास्तविक प्रभाव में बदलना होगा। अगर सफल हुई, तो अल्बानिया एआई गवर्नेंस का वैश्विक मॉडल बनेगा। अन्यथा, यह सिर्फ एक मीम बनकर रह जाएगा। डिजिटल क्रांति की यह कहानी अभी शुरू हुई है – और हम सभी इसके साक्षी हैं। क्या आप तैयार हैं एक ऐसे भविष्य के लिए, जहां मशीनें ‘परिवार’ बनाएं?




























