बीकानेर। नवरात्रि के पावन पर्व पर नगर सेठ लक्ष्मीनाथ जी मंदिर परिसर रामलीला मैदान में लगातार नवमी रात्रि में कुंभकरण मेघनाथ वध का दृश्य दिखाया गया
संस्थान के अध्यक्ष गिरीराज जोशी ने बताया की लीला का शुभारंभ भगवान गणेश जी की वंदना से की कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व उपमहापोर महापौर अशोक आचार्य सिटी कोतवाली थाना अधिकारी रामगोपाल समाजसेवी ओम प्रकाश मोदी पूर्व पार्षद नरेश जोशी थे
संस्थान के सचिव अभिराम दत्त गौड़ ने बताया की लीला में कुंभकरण मेघनाथ का वध दिखाया गया
रावण द्वारा कुंभकरण को उठाना
भैया कुंभकरण भैया कुंभकरण उठो
कुंभकरण का जागना
अरे दुष्ट कौन है तू जो मुझे जगाने आया है
प्राणों को हथेली पर रखकर मेरे घर मरने आया है
राम द्वारा कुम्भकरण को कहना
हे कुंभकरण बातों का तू मारना शौभा देता है
रण में बातें करने वाला कायर भयभीत कहलाता है
लंका में अगर वीर हो तो ममता छोड़ो प्राणों की
लो संभालो वर्षा होती है दशरथ नंदन के बाणों की
मेघनाथ व लक्ष्मण युद्ध
मेघनाथ द्वारा लक्ष्मण को कहना
उस बार भाग्य ने बचा लिया इस बार ना बचने पाएगा
पहले मूर्छा ही आई थी पर अब की प्राण गंवायेगा
मैं वह सागर हूं अगर टूटा तो प्रलयकाल उड़ायेगा
वह ज्वालामुखी शैल हूं मैं फूटा तो जग जल जाएगा
लक्ष्मण द्वारा मेघनाथ को कहना
है वही शक्तिशाली जग में जो नम्र भाव दिखाता है
फलवाला तरू जब फलता है नीचे को झुकता जाता है
बकरी जो मैं मैं करती है गंले पर छुरी फिराती है
संस्थान के सदस्य रामदेव जी उपाध्याय व आर्टिस्ट गणेश भादाणी ने बताया की लीला में कलाकार कुछ भूमिका में गणेश ललित राम गिरीराज जोशी ललन लक्ष्मण जितेश पुरोहित हनुमान गोपाल पुरोहित रावण कैलाश भादाणी मन्दोदरी लक्ष्मण सोनी कुम्भकरण प्रदीप कोचर मेघनाथ मदन गोपाल आचार्य सुग्रीव हर्षवर्धन व्यास विभीषण योगेश हर्ष सभासद गोविन्द सोनी भरत मारु सक्षम गौड़ शिवराज जोशी द्रोण गौड़ कर्णवीर मारु हिमांशु भादाणी आदि ने मंचन किया
उमड़ी भीड़


