बीकानेर। हीरालाल सोभागमल रामपुरिया उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को छात्र सलाहकार परिषद एवं अणुव्रत विद्यार्थी परिषद (सत्र 2026-27) का शपथ ग्रहण समारोह भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में कक्षा 12वीं के उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, वहीं विद्यालय के कर्मठ लिपिक भूपेन्द्र सिंह को भी विशेष रूप से सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय तीरंदाजी टीम के कोच अनिल जोशी रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में झंवरलाल गोलछा उपस्थित रहे। समारोह में अणुव्रत समिति के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारी भी शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा सरस्वती पूजन से हुई। इसके पश्चात विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। संस्था प्रधानाचार्या अनुराधा जैन एवं वरिष्ठ अध्यापक हेमन्त कुमार ओझा ने अतिथियों का माला, साफा एवं श्रीफल देकर सम्मान किया।
अतिथियों ने छात्र सलाहकार परिषद के पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। वहीं अणुव्रत विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों को अणुव्रत समिति के पूर्व अध्यक्ष इन्द्रचन्द सेठिया एवं झंवरलाल गोलछा ने अणुव्रत के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर विद्यालय के लिपिक भूपेन्द्र सिंह को प्रधानाचार्या, वरिष्ठ अध्यापक एवं अणुव्रत समिति के पूर्व पदाधिकारियों द्वारा माल्यार्पण, साफा, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि अनिल जोशी ने कक्षा 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने, अपनी रुचि के अनुसार विषय चयन कर लक्ष्य निर्धारित करने तथा निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने लिपिक भूपेन्द्र सिंह के कार्यों की प्रशंसा करते हुए आगे भी इसी प्रकार समर्पण के साथ कार्य करने का संदेश दिया।
विशिष्ट अतिथि झंवरलाल गोलछा ने कार्यक्रम की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए सम्मानित विद्यार्थियों एवं कार्मिकों को निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या अनुराधा जैन ने मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, अणुव्रत समिति के पदाधिकारियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं कार्मिकों को भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने तथा परिषद के पदाधिकारियों को अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संदेश दिया।




























