बीकानेर। शहर के सुभाषपुरा इलाके में शनिवार को वायरिंग केबल बदलने की कार्रवाई के दौरान अचानक विवाद की स्थिति पैदा हो गई। बीकेईएसएल (Bikaner Electricity Supply Limited) की टीम जैसे ही पुराने केबल हटाकर नई वायरिंग डालने के लिए क्षेत्र में पहुंची, स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कुछ ही देर में विरोध तेज हो गया और कंपनी कर्मचारियों तथा मोहल्लेवासियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीषण गर्मी के बीच लोगों को इस बात की आशंका थी कि केबल बदलने की प्रक्रिया के दौरान बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित हो सकती है। ऐसे में बिना पूर्व सूचना के टीम के पहुंचने से लोगों में नाराजगी फैल गई। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने पहले से कोई सूचना या समय निर्धारित नहीं किया, जिससे घरों में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती थी।
विरोध बढ़ने के साथ ही हालात इतने बिगड़ गए कि लोगों ने बीकेईएसएल टीम का घेराव कर दिया और काम रुकवा दिया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। स्थिति को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस दल मौके पर पहुंचा और लोगों से समझाइश कर माहौल शांत करने का प्रयास किया।
इस दौरान लोगों ने पुलिस के सामने भी अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की और बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस तरह की कार्रवाई के लिए पहले से सूचना देना और वैकल्पिक व्यवस्था करना जरूरी है, खासकर जब तापमान लगातार बढ़ रहा हो।
मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा नेता श्याम सिंह हाडला भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने लोगों की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया। हाडला ने स्पष्ट कहा कि गर्मी के इस मौसम में वायरिंग बदलने के नाम पर घंटों बिजली कटौती किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि कंपनी को मेंटेनेंस या केबल बदलने का कार्य करना है तो सुबह जल्दी समय तय करके किया जाए, ताकि आमजन को कम से कम परेशानी हो।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना और बिना स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए इस तरह की कार्रवाई करना तानाशाही रवैया दर्शाता है। हाडला ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में इस तरह से लोगों को परेशान किया गया तो इसका विरोध और भी तेज किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कंपनी से मांग की कि कार्य से पहले उचित सूचना, समय-निर्धारण और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
करीब एक घंटे तक चले इस पूरे घटनाक्रम के दौरान इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। हालांकि पुलिस और स्थानीय प्रतिनिधियों की समझाइश के बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई और मामला शांत हुआ। फिलहाल क्षेत्र में शांति है, लेकिन इस घटना ने बिजली कंपनी की कार्यशैली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।




























