बीकानेर। मोहता रसायन शाला ट्रस्ट द्वारा संचालित गायत्री पाठशाला पिछले 30 वर्षों से निरंतर वैदिक शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पाठशाला में विप्र बालकों को गायत्री पाठ, रुद्री, गोपाल सहस्त्रनाम एवं सांगोपांग पद्धति का विधिवत अध्ययन कराया जाता है।
इसी क्रम में सुंदरलाल जी संस्थान के तत्वावधान में 15 दिवसीय वैदिक प्रशिक्षण शिविर 21 से प्रारंभ हुआ और 4 तक चलेगा। इस वैदिक प्रशिक्षण शिविर में संध्या, रुद्र पाठ, गोपाल स्तोत्र सहित विभिन्न वैदिक अनुष्ठानों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
आज का आयोजन आचार्य बलदेव एवं अशोक ओझा के सान्निध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर सुशील गोरीशंकर एवं महेश ओझा द्वारा विप्र बालकों को वेदों का अध्ययन कराया गया।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री डॉ. बुलाकीदास कल्ला ने आधुनिक युग में वैदिक परंपराओं की प्रासंगिकता एवं महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए उन्होंने बालकों को अपने धर्म, संस्कृति और गुरु परंपरा से जुड़े रहने का संदेश देते हुए कहा कि यही संस्कार उन्हें भविष्य में आदर्श नागरिक एवं समाज का जिम्मेदार व्यक्ति बनने की प्रेरणा प्रदान करेंगा।
अनिल ओझा ने कहा कि आज के समय में बच्चे मोबाइल पर अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं। यदि वे कुछ समय निकालकर वैदिक शिक्षा, धर्म और संस्कारों का ज्ञान प्राप्त करें, तो उनका व्यक्तित्व और भविष्य दोनों बेहतर बन सकते हैं।
अशोक बिस्सा, कमल कल्ला दुर्गादास, आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सना महाराज ने बच्चों को आशीर्वाद दिया



























