बीकानेर। निर्विकल्प फाउंडेशन द्वारा बीकाजी के सहयोग से संचालित किए जा रहे करियर काउंसलिंग कार्यक्रम के तहत जिले के 36 विद्यालयों के विद्यार्थियों को निःशुल्क करियर मार्गदर्शिका उपलब्ध करवाई जाएगी। बुधवार को रेलवे स्टेशन के निकट आयोजित समारोह में इस मार्गदर्शिका का विधिवत विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में जिला उद्योग संघ अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पचीसिया ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों को समय रहते सही करियर मार्गदर्शन मिलना अत्यंत आवश्यक है। उचित जानकारी और सही दिशा से युवा अपनी क्षमता के अनुरूप क्षेत्र का चयन कर सकते हैं तथा रोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक एल.डी. पवार ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अनेक विद्यार्थियों को करियर संबंधी पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसी मार्गदर्शिकाएं उन्हें विभिन्न शैक्षणिक और व्यावसायिक विकल्पों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उपनिदेशक (जनसंपर्क) डॉ. हरि शंकर आचार्य ने कहा कि करियर चयन केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास और जीवन की दिशा निर्धारित करने का महत्वपूर्ण आधार है। सही मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपनी रुचि और योग्यता के अनुरूप लक्ष्य तय कर सफलता अर्जित कर सकते हैं।
यंग एंटरप्रेन्योर कीर्तिमान लोढ़ा ने कहा कि आज के दौर में पारंपरिक करियर विकल्पों के साथ-साथ नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुरूप नए अवसरों की जानकारी मिलना आवश्यक है।
सहायक निदेशक डॉ. अरविंद आचार्य ने कहा कि करियर काउंसलिंग विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। इससे वे अपनी क्षमताओं का सही आकलन कर बेहतर निर्णय लेने में सक्षम बनते हैं।
इसके पश्चात करियर काउंसलर डॉ. चंद्र शेखर श्रीमाली ने मार्गदर्शिका की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसमें करियर काउंसलिंग की आवश्यकता, काउंसलिंग की प्रक्रिया, विषय चयन, विभिन्न करियर विकल्पों, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता और कौशल की पहचान से जुड़े विषयों को सरल एवं सहज भाषा में संकलित किया गया है। उन्होंने कहा कि करियर संबंधी सही जानकारी के अभाव में अनेक विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप क्षेत्र का चयन नहीं कर पाते, जबकि वैज्ञानिक करियर काउंसलिंग उन्हें बेहतर निर्णय लेने में मदद करती है। इससे पढ़ाई में रुचि बढ़ती है, लक्ष्य स्पष्ट होते हैं और भविष्य की योजनाओं को लेकर आत्मविश्वास विकसित होता है।
डॉ. श्रीमाली ने बताया कि निर्विकल्प फाउंडेशन और राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के मध्य हुए समझौते के अनुसार जिले के 36 विद्यालयों में करियर काउंसलिंग कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। फाउंडेशन द्वारा विद्यालयों का चयन किया जा चुका है तथा कार्यक्रम अगस्त के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ होगा। इस दौरान विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शिका निःशुल्क वितरित की जाएगी, जिससे वे अपने भविष्य के लिए सही दिशा का चयन कर सकें।




























