बीकानेर। समाज में तेजी से बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और युवाओं में बढ़ रही नशे की लत को देखते हुए ‘मिशन रोशनी’ नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के अंतर्गत गुरुवार को वरदान हॉस्पिटल, बीकानेर में विशाल निःशुल्क नशा मुक्ति परामर्श एवं काउंसलिंग शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य नशे से प्रभावित लोगों को उपचार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना रहा।
शिविर में डॉ. सिद्धार्थ असवाल एवं उनकी टीम ने बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, डोडा पोस्त, अफीम, स्मैक और एमडी जैसे नशों से ग्रसित 42 मरीजों की जांच कर उनका उपचार किया। इस दौरान मरीजों की व्यक्तिगत काउंसलिंग कर उन्हें नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही मरीजों को नशा छोड़ने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं निशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध करवाई गईं।
कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व शहर अध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि नशा आज समाज और विशेषकर युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे में ‘मिशन रोशनी’ जैसे अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
शिविर में अनिल शुक्ला, पार्षद संजय गुप्ता, पुखराज स्वामी, दिनेश मोदी, खुशाल बरसा, अजय खसेरा, राजेश असवाल, अभिषेक, विवेक पुरी, वर्षा, अजय, आरती, राजेश सिंह, रजत कुमार सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
डॉ. सिद्धार्थ असवाल ने बताया कि ‘मिशन रोशनी’ अभियान के तहत प्रत्येक माह की 7 तारीख को इसी प्रकार निःशुल्क नशा मुक्ति शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि नशे की गिरफ्त में फंसे अधिक से अधिक लोगों को उपचार और परामर्श देकर नई जिंदगी की ओर अग्रसर किया जा सके। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए इसके खिलाफ सामूहिक जागरूकता और प्रयास बेहद जरूरी हैं।



























