बीकानेर। बीकानेर नगर के 539वें स्थापना दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन, बीकानेर विकास प्राधिकरण तथा श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर विकास एवं पर्यावरण समिति के संयुक्त तत्वावधान में श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर के सामने स्थित श्री गणेश जी मंदिर में “चंदा उत्सव” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर की प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की मनमोहक झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास, सीओ सिटी अनुज डाल, इतिहासकार प्रो. भंवरलाल भादानी, कन्हैयालाल कल्ला, समाजसेवी द्वारका प्रसाद पचीसिया, साहित्यकार मालचंद तिवाड़ी, जानकी नारायण श्रीमाली, चित्रकार हरि गोपाल हर्ष सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों और आमजन ने पारंपरिक तरीके से चंदा उड़ाकर बीकानेर नगर की खुशहाली की कामना की।
इस दौरान “आकाशा में उड़े म्हारो चंदो, लखमीनाथ म्हारी सहाय करें” जैसे लोकगीतों की स्वर लहरियों के बीच चंदा उड़ाने की परंपरा निभाई गई। साथ ही “सदा खुशहाली रेवे शहर में” और “गवरा दादी पून दे” जैसे गीतों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।
समिति के सचिव सीताराम कच्छावा ने बताया कि इस अवसर पर चंदा कलाकारों का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में ब्रजेश्वर व्यास, अनिल बोड़ा, कृष्ण चंद्र पुरोहित, गणेश व्यास, अभिषेक बोड़ा, धर्मा स्वामी सहित कई कलाकारों को सम्मानित किया गया।
विधायक जेठानंद व्यास ने अपने संबोधन में कहा कि बीकानेर की संस्कृति और परंपराएं देशभर में अपनी अलग पहचान रखती हैं, और चंदा कलाकारों का योगदान इन्हें जीवित बनाए रखने में अहम है। उन्होंने सभी शहरवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया।
सांस्कृतिक संध्या शुक्रवार को
स्थापना दिवस समारोह के तहत 17 अप्रैल, शुक्रवार को रात्रि 7:30 बजे श्री लक्ष्मीनाथ पार्क में भव्य “सांस्कृतिक संध्या” का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्थानीय कलाकारों के साथ राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर के आमंत्रित कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।



























