बीकानेर। बीकानेर के खिलाड़ियों के लिए लंबे समय से की जा रही मांग अब पूरी होने जा रही है। माननीय केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री Arjun Ram Meghwal के प्रयासों से Sports Authority of India द्वारा Maharaja Ganga Singh University परिसर में एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुवार को भारतीय खेल प्राधिकरण की टीम ने विश्वविद्यालय परिसर का दौरा कर उपलब्ध खेल सुविधाओं का निरीक्षण किया।
टीम ने विश्वविद्यालय के आधुनिक इण्डोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, साइकिल वैलोड्रम तथा मेजर किशन सिंह शूटिंग रेंज का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उपलब्ध खेल व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए उपयोगी बताया।
भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार का स्वायत्त निकाय है, जो देशभर में खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य करता है। SAI के माध्यम से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों में प्रशिक्षण, खेल विज्ञान सुविधाएं, अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग तथा आधुनिक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। अंतराष्ट्रीय तीरंदाजी कोच अनिल जोशी ने कहा कि बीकानेर के लिए ये एक बहुत बड़ी सौगात है और कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल के प्रयासों से अब बीकानेर का नाम भी खेलो की दुनिया में चमकेगा।
प्राधिकरण के तहत खिलाड़ियों को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के माध्यम से आर्थिक सहायता, विदेशी प्रशिक्षण और उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। वहीं खेलो इंडिया योजना के तहत प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है। चयनित खिलाड़ियों को आवास, भोजन और शिक्षा जैसी सुविधाएं निःशुल्क दी जाती हैं।
महिला एवं दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए विशेष योजनाएं, खेल विज्ञान आधारित प्रशिक्षण, हाई परफॉर्मेंस एनालिसिस, वीडियो रिव्यू सिस्टम तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के खेल मैदान और शूटिंग रेंज जैसी सुविधाएं भी SAI की विशेषता हैं।
बीकानेर में एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना से क्षेत्र के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण मिलने के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह पहल वर्ष 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए भारत को खेल महाशक्ति बनाने के लक्ष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



























