बीकानेर। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत महिला आयाम की ओर से ‘आधी आबादी की पूरी बात’ अभियान के तहत स्थानीय आरती मेकओवर एकेडमी में आयोजित टॉक शो में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और अधिकारों को लेकर जोरदार चर्चा हुई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को विधायिका में नीति निर्धारण की भूमिका के साथ सुरक्षा, स्वावलंबन और आर्थिक अधिकारिता प्रदान करेगा, लेकिन इसे लोकसभा में पारित न करना आधी आबादी के सपनों पर कुठाराघात है।
प्रांत प्रमुख श्रीमती सरोज बिस्सा ने कहा कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी मिलना समय की मांग है। प्रांत कार्यकारिणी सदस्या आरती आचार्य ने कहा कि आजादी के सात दशक बाद भी महिलाएं अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं, जबकि लोकतंत्र में उनका योगदान हमेशा शांतिपूर्ण और रचनात्मक रहा है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए महानगर कार्यकर्ता श्रीमती कामाक्षी ने नारी को परतंत्रता से मुक्त करने के उपायों पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता जताई। सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमारी व्यास ने केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाएं कुशल प्रबंधन क्षमता रखती हैं और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
पुष्करणा महिला मंडल की संस्थापक श्रीमती अर्चना थानवी ने कहा कि महिलाएं हर जिम्मेदारी को माइक्रो मैनेजमेंट के साथ निभाने में सक्षम हैं। वहीं मंडल अध्यक्ष शारदा पुरोहित ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकार देने में भी राजनीतिक स्वार्थ बाधा बन रहा है। उन्होंने सेना सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए सोफिया कुरैशी को आदर्श बताया और युवतियों को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने का आह्वान किया।
टॉक शो में सीमा पुरोहित, ज्योति स्वामी, ज्योति सुथार और योग गुरु दमयंती सुथार ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में आरती आचार्य ने महिलाओं से संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि पुरुष समाज का भी उन्हें समर्थन मिलेगा।
उन्होंने बताया कि महिला जागरण के लिए प्रत्येक वार्ड, विभिन्न पेशेवर समूहों और बालिका महाविद्यालयों में ऐसे टॉक शो आयोजित किए जाएंगे। साथ ही नुक्कड़ नाटक और एकाभिनय के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के सामूहिक गायन के साथ हुआ।



























