बीकानेर। पोलियो रविवार को किसी कारणवश पोलियो ड्रॉप्स से वंचित पांच वर्ष तक के बच्चों को प्रतिरक्षित करने हेतु अभियान के दूसरे दिन घर-घर जाकर ओरल पोलियो वैक्सीन पिलाई गई। सीएमएचओ डॉ पुखराज साध ने बताया कि जिले में पल्स पोलियो अभियान में पहले दिन बूथ पर 3,06,652 बच्चों को दवा पिलाई गई जिससे आगे बढ़ते हुए सोमवार को 85,168 बच्चों को दवा पिलाई गई। यानिकी 4,29,005 के लक्ष्य के विरुद्ध 91.33 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करते हुए कुल 3,91,820 बच्चों को पोलियो वैक्सीन पिलाई गई।
आरसीएचओ डॉ भवानी शंकर गहलोत ने बताया कि पोलियो बूथ पर कार्यरत चार सदस्यीय दलों द्वारा दो टीमों में विभक्त होकर सम्पूर्ण जिले में घर-घर जाकर बूथ पर दवा पीने से वंचित रह गये बच्चों को ढूंढते हुये पोलियो के विरूद्ध प्रतिरक्षण का कार्य किया गया। अभियान के दूसरे दिन 3 हजार से ज्यादा टीमें कुल 2,57,437 घरों तक पहुंची और 74,404 बच्चों को दवा पिलाई। इसी दौरान गली-मौहल्लों में 4,407 बच्चों को प्रतिरक्षित किया। ट्रांजिट टीमों द्वारा बसस्टैंड व रेलवे स्टेशन आदि पर 3,567 बच्चों को ओपीवी की खुराक दी गई। घरों में विजिट के दौरान बच्चों की उपस्थिति, अनुपस्थिति, एवं पोलियो वेक्सीन पीने के आधार पर घरों पर मार्किंग की गई। शत प्रतिशत लक्षित बच्चों के पोलियो वैक्सीन पीने तक अभियान जारी रहेगा।
हाईरिस्क क्षेत्रों में हुई सघन मॉनिटरिंग
अभियान की जिला एवं ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की गई, जिससे कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहे।
आरसीएचओ डॉ. भवानी शंकर गहलोत, विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसएमओ डॉ. अनुरोध तिवारी तथा यूएनडीपी के कार्यक्रम अधिकारी योगेश शर्मा ने शहर के हाईरिस्क क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बीछवाल तथा खारा औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के घरों एवं झुग्गी-झोपड़ियों में जाकर पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाए जाने की स्थिति का सत्यापन किया।
मॉनिटरिंग के दौरान बच्चों की अंगुली पर स्याही का निशान, घरों पर निर्धारित मार्किंग तथा अभियान की अन्य व्यवस्थाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। जहां आवश्यक पाया गया, वहां संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजर को मौके पर बुलाकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के फील्ड मॉनिटर्स ने भी जिलेभर में घर-घर चल रहे पोलियो अभियान का निरीक्षण किया। वहीं समस्त ब्लॉक सीएमओ एवं चिकित्सा अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा टीमों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।



























