बीकानेर। श्रीकोलायत की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कोलायत मुख्यालय पर प्रस्तावित कपिल मुनि पैनोरमा के निर्माण का कार्यादेश जारी कर दिया गया है। राजस्थान धरोहर प्राधिकरण, जयपुर की ओर से 29 सितंबर को निर्माण कार्य के लिए कार्यादेश जारी किया गया।
राज्य बजट में हुई थी घोषणा
कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी की ओर से क्षेत्र की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए लंबे समय से कपिल मुनि पैनोरमा निर्माण की मांग राज्य सरकार के समक्ष रखी जा रही थी। विधायक की मांग और कोलायत के धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए राजस्थान सरकार ने राज्य बजट 2024-25 में कोलायत में कपिल मुनि पैनोरमा निर्माण की घोषणा की थी।
प्राधिकरण अध्यक्ष ने किया था प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण
पैनोरमा निर्माण की प्रक्रिया के तहत राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण भी किया था। इस दौरान विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने उन्हें कोलायत की ऐतिहासिक एवं धार्मिक पृष्ठभूमि तथा क्षेत्रवासियों की भावनाओं से अवगत कराया था।
इसके बाद राजस्थान धरोहर प्राधिकरण की ओर से निर्माण से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं और निविदा प्रक्रिया संपादित की गई।
केसरी चंद कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला कार्यादेश
निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद मैसर्स केसरी चंद कंस्ट्रक्शन कंपनी को कपिल मुनि पैनोरमा निर्माण का कार्यादेश जारी किया गया है। कार्यादेश के अनुसार संबंधित फर्म को 9 अक्टूबर 2026 तक निर्माण कार्य शुरू करना होगा, जबकि निर्माण कार्य 9 जनवरी 2028 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच
विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने कहा कि कपिल मुनि पैनोरमा का निर्माण कोलायत की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे कपिल मुनि की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक परंपरा को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पैनोरमा के निर्माण से कोलायत में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की संभावना है। साथ ही क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर जोर
विधायक भाटी ने कहा कि कोलायत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हुए क्षेत्र के विकास तथा पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार के सहयोग से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कपिल मुनि पैनोरमा का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



























